श्री अंबाबाईची आरती

http://mitchellsgarage.net/portfolio/piney-creek-interiors-magazine-ad/ श्री अंबाबाईची आरती ( चाल — लो लो लागला , अंबेचा भेदाभेद .. ) ओवाळीन ओजा , शिवसहजा , आदिभवानी गिरिजा , कल्लोलस्तरजा चारूभुजा आई , तुकाई तुळजा , शाकंभरी भर्गा नवदुर्गा , हिंगुळगिरी हिंगुळजा ,निवास पुर लक्ष्मी, महालक्ष्मी कोल्हापूर

जय अम्बे गौरी

जय अम्बे गौरी , मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी . बोलो जय अम्बे गौरी .. माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को मैया टीको मृगमद को उज्ज्वल से

ॐ जय लक्ष्मी माता

श्रीलक्ष्मी आरती ॐ जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता तुम को निस दिन सेवत, मैयाजी को निस दिन सेवत , हर विष्णु विधाता . ॐ जय लक्ष्मी माता .. उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता ओ मैया

महिषासुरमथीनी देवि

महिषासुर मर्दिनी आरती महिषासुरमथीनी देवि त्रिपुरसुंदरी । ओवाळीन पंचारती घेऊनि करी ।। ध्रु॰ ।। रत्नजडित सिंहासनी नित्य बैससी । दीप्तीने लाजविले भास्कर शशी । अष्टभुजा देवी तुज पुजू भक्तीसी । देई येई पाही , सुखसदने , मृगनयने । शशिवदने ,