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कालिका  अष्टकम्

श्रीकालिकाध्यानाष्टकम्

कंकंकं कालकाला कलकलवदना कालरूपा कराला
खंखंखं ख्यातखेटा खटखटदशना खण्डशुभ्रांशुमुण्डा।
गंगंगं गुप्तगोत्रा गरगरगदना गर्ज्जना गाढगात्रा
घंघंघं घोरघोरा घनघननयना कालिका पातु माता ।।  (१) ।।

चंचंचं चारुरूपा चरचरचरणा चातुरी चन्द्रचूडा
छंछंछं छेदशीला छलछलचरिता छागरक्तातितृप्ता।
जंजंजं ज्वालजन्मा जमजमगमना जर्ज्जरा जैत्रभावा।
झंझंझं झर्झझम्पा झमझमझुमरी कालिका पातु माता ।। (२) ।।

टंटंटं टंकटंका टलटलहृदया टण्टुकच्छेददक्षा
ठंठंठं ठेरठेरा ठठठठकलिता ठक्कुरा शोणितोष्ठा।
डंडंडं डिण्डिमाढ्या डमरुडमडमा डुण्डुला डामरोक्ता
ढंढंढं ढालकाढ्या ढकढकललिता कालिका पातुमाता ।। (३) ।।

तंतंतं तक्यतंका तकिलतटतटा दैत्यसङ्घातहन्त्री
थंथंथं थुर्वदक्षा प्रथितथथथिका स्थूलपृथ्वीष्टकर्त्त्री ।
दंदंदं दम्भदात्री दनुकुलदमनी दीर्घखड्गातिदीर्घा
धंधंधं धर्मधात्री धनधरणिधरा कालिका पातु माता ।। (४)  ।।

नंनंनं नर्मटाढ्यातिनटननिपुणा नाकवन्द्या विनिन्द्या
पंपंपं पापिपादा पटपटहपटुः पुण्यदा पुण्यपुञ्जा।
फंफंफं फल्गुफाला सुफलफलफला फुल्लफुल्ला स्फुटाभा
बंबंबं बाधबाधा बहुबलबलदा कालिका पातु माता ।। (५)  ।।

भंभंभं भक्तभावा भवविभवभरा भीषणाभीतिभङ्गा
मंमंमं मन्त्रमुग्धामरमुनिमतिदा मञ्जुमञ्जीरमण्डा।
यंयंयं योगमाया यमनयमनहा योगिनी योगयोग्या
रंरंरं रक्तरम्या रणकरणमनाः कालिका पातु माता ।। (६)  ।।

लंलंलं लोलबाला ललललललना लोकलीलातिलिप्सुः
वंवंवं वह्निनेत्रा वनवनवनिता वन्दिभि र्वन्दनीया।
शंशंशं शम्भुसक्ता शशिशकलशिराः शङ्खहस्तासिभूषा
संसंसं सत्यसिद्धा समसुखसदना कालिका पातु माता ।।  (७) ।। 

हंहंहं हात्रहिंस्रा हरिहरिहरिभा ह्रदिनीहासहासा
क्षंक्षंक्षं क्षत्रियाक्षा क्षितिदुरितहरा क्षेमशीला क्षमादा।
क्षिप्राटा क्षेत्रकर्त्री क्षियतु भयचयं नौमि सर्वक्षमां तां
क्षौणीगीर्वाणदेवी क्षमणगुणयुता कालिका पातु माता  ।।  (८)  ।।

श्री कालिका ध्यानाष्टकम्
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