Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

 श्रीलक्ष्मी पल्लीनाथ —

श्रावणमासी रविदिनी जे दर्शन घेती  |

त्यांची सर्वही पापे नाशाप्रती जाती  |

प्रेमानंदे त्याची करिता ही स्तुती  |

अंती निजपद पावुनी मुक्तिसी जाती  ll१ll

जय देव जय देव जय पल्लीनाथा  |

भावे तुझिया चरणी ठेविला माथा  llध्रु.ll

कोकणप्रांती नांदे दक्षिण केदार  |

करावया पापीयांचा उद्धार  |

ब्रह्मा, विष्णू, शंकर हे एकाकार  |

भक्तालागी येथे धरिला अवतार  ll२ll  जय...

भक्तजनांचा हा हो देव भुकेला  |

यास्तव येतो नित्य यात्रेचा मेळा  |

दर्शन घेऊनि जाती आपुल्या हो स्थळा  |

भावे हृदयी जपती नामाची माळा  ll३ll  जय…

पल्लीक्षेत्री नांदे अमुचा कुलस्वामी  |

सेवेसी तत्पर आहे ती लक्ष्मी  |

अज्ञान मूढ जन हे सर्वस्वे आम्ही |

यास्तव जडो प्रीती तुझिया नामी ll४ll जय…

त्रिमूर्ती देव हा आहे पै जाण  |

कराया भक्तांचे प्रेमे पाळण  |

धरिले अवनीवरी रूप हे सगुण  |

ह्मणऊनी सखाराम वंदित चरण  ll५ll जय…

श्रीलक्ष्मी पल्लीनाथ
Tagged on:         

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!