शेंदूर लाल चढायो

आरती  > गणेश आरती Posted at 2018-10-11 17:14:20
शेंदूर लाल चढायो अच्छा गजमुखको दोंदिल लाल बिराजे सूत गौरीहरको हाथ लिए गुड-लड्डू साईं सुरवरको महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पदको || 1 || जय जय श्री गणराज विद्यासुखदाता || धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता || अष्टो सिद्धि दासी संकटको बैरी विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी कोटि सूरजप्रकाश ऐसी छबि तेरी गंड-स्थल मदमस्तक झूले शाशिहारी || 2 ||
जय जय श्री गणराज विद्यासुखदाता || धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता ||
भावभगत से कोई शरणागत आवे संतति सम्पति सबही भरपूर पावे ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे || 3 || जय जय श्री गणराज विद्यासुखदाता || धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता ||

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