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शिवकृत ललिता सहस्रनाम स्तोत्र1

  श्री महाभागवत पुराणोक्त शिवकृत ललिता सहस्रनाम स्तोत्रम् ॐ श्री गणेशाय नमः ऊँ श्री शिव उवाच अनाद्या परमा विद्या प्रधाना प्रकृतिः परा | प्रधानपुराषाराध्या प्रधानपुरूषेश्वरी ||१ || प्राणात्मिका प्राणशक्तिः सर्वप्राणहितैषिणी | उमा चोत्तमकेशिन्युत्तमा चोन्मत्तभैरवी ||२|| उर्वशी चोन्नता चोग्रा महोग्राचोन्नतस्तनी |

19-11-2018 सोमवार

🕉🕉🕉 श्री महागणपति प्रसन्न 🕉🕉 ☀ हरि ॐ 🌞 सुप्रभात 🌞 वंदे मातरम ☀      ~~ दैनिक पंचांग दिनविशेष ~~   🌎दिनांक 19 नोव्हेंबर 2018 , सोमवार  🇮🇳🚩 मन्वंतर – वैवस्वत  🔯 शालिवाहन शके – 1940  🔱 संवत्सर – विलंबी 

18-11-2018 रविवार

🕉🕉🕉 श्री महागणपति प्रसन्न 🕉🕉 ☀ हरि ॐ 🌞 सुप्रभात 🌞 वंदे मातरम ☀      ~~ दैनिक पंचांग दिनविशेष ~~   🌎 दिनांक 18 नोव्हेंबर 2018 , रविवार  🇮🇳🚩 मन्वंतर – वैवस्वत  🔯 शालिवाहन शके – 1940 🔱 संवत्सर –

17-11-2018 शनिवार

🕉🕉🕉 श्री महागणपति प्रसन्न 🕉🕉 ☀ हरि ॐ 🌞 सुप्रभात 🌞 वंदे मातरम ☀         ~~ दैनिक पंचांग दिनविशेष ~~   🌎 दिनांक 17 नोव्हेंबर 2018 , शनिवार  🇮🇳🚩 मन्वंतर – वैवस्वत  🔯 शालिवाहन शके – 1940 🔱 संवत्सर

16-11-2018 शुक्रवार

🕉🕉🕉 श्री महागणपति प्रसन्न 🕉🕉 ☀ हरि ॐ 🌞 सुप्रभात 🌞 वंदे मातरम ☀         ~~ दैनिक पंचांग दिनविशेष ~~   🌎 दिनांक 16 नोव्हेंबर 2018 , शुक्रवार  🇮🇳🚩 मन्वंतर – वैवस्वत  🔯 शालिवाहन शके – 1940 🔱 संवत्सर

विष्णु स्तोत्र

श्री महाविष्णु व विष्णुरूपांवर अभिषेक करण्यासाठी तसेच नित्य जप – पठणसाठी अत्यंत उत्तम स्तोत्र ..   ॥ श्रीविष्णुस्तुती ब्रह्मपुराणे ॥ कण्डुरुवाच नारायण हरे कृष्ण श्रीवत्साङ्क जगत्पते । जगद्बीज जगद्धाम जगत्साक्षिन्नमोऽस्तु ते ॥ अव्यक्त जिष्णो प्रभव प्रधानपुरुषोत्तम । पुण्डरीकाक्ष गोविन्द लोकनाथ नमोऽस्तु

यमप्रीत्यर्थं यमस्तोत्रम्

यमप्रीत्यर्थं यमस्तोत्रम् जेव्हा भरणी किंवा मघा नक्षत्र असेल तेव्हा मृत्यू देवता यमधर्माचे नामस्मरण – स्तोत्र पठण केल्याने दीर्घायुष्य , सुदृढता प्राप्त होते.. तसेच पितृदोष कमी होऊन पितरांना सद्गती मोक्ष प्राप्त होण्यास मदत होते व त्यांचे आशिर्वाद मिळतात.. दक्षिण दिशेला नमस्कार

रुद्र अभिषेक स्तोत्र

॥ रुद्राभिषेकस्तोत्रम् महाभारतान्तर्गतम् ॥ कृष्णार्जुनावूचतुः । नमो भवाय शर्वाय रुद्राय वरदाय च । पशूनां पतये नित्यमुग्राय च कपर्दिने ॥ महादेवाय भीमाय त्र्यम्बकाय च शान्तये । ईशानाय मखघ्नाय नमोऽस्त्वन्धकघातिने ॥ कुमारगुरवे तुभ्यं नीलग्रीवाय वेधसे । पिनाकिने हविष्याय सत्याय विभवे सदा ॥

रेणुका अष्टोत्तरशतनाम स्तोत्र

॥ श्रीरेणुका अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् ॥ ॥ श्री गणेशाय नमः ॥ ॥ श्री भगवत्यै रेणुकाजगदम्बायै नमोनमः ॥ ॐ अस्य श्री रेणुका देव्यष्टोत्तरशत नामस्तोत्रमहामन्त्रस्य शाण्डिल्य महर्षिः , अनुष्टुप् छन्दः , श्रीजगदम्बा रेणुका देवता , ॐ बीजं , नमः शक्तिः , ॐ महादेवीति कीलकं

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